Mool Shanti Puja

The Mool Shanti Yagya/Puja is performed to evacuate the antagonistic impacts of the individual''s moon position in Ashlesha, Moola, Aswini, Magha, Revati, and Jyeshtha. As per the local outline, the Yajna can be joined with Homam to Durga, Ganesha, Siva or Vishnu or with the Homam of Navgrah Shanti. The Mool Shanti Yagya is done to keep up the Health of the individual, Health of the children and to evacuate the Navgrah Dosha. Advantages of Mool Shanti Yagya The Mool Shanti Yagya is exceptionally useful in the life of a man as it benefits the individual in the upgrade of character and brings the positive sentiments by decreasing all the evil impacts of the Nakshatra, which was because of the particular birth time. All the physical condition related issues are being expelled and the life is being lived with loaded with riches. The risk to precious ones because of birth at foreboding time is likewise deflected. यदि कोई व्यक्ति इनमें से किसी भी नक्षत्र में जन्म लेता है तो उनके लिए निर्धारित विशेष पूजा, जिसे गंडमूल नक्षत्र पूजा भी कहते हैं, की जाती है। आमतौर पर यह पूजा जन्म के 27 दिनों के बाद की जाती है, जब कुंडली में वहीं नक्षत्र विद्यमान हो। यदि यह पूजा तब नहीं हो पायी है तो आपको विशेष रूप से सलाह है कि आप यह पूजा जल्द से जल्द करवा लें। वरना प्राचीन हिंदू वैदिक लेखों के अनुसार इस दोष से एक व्यक्ति के जीवन में कई नकारात्मक परिणाम एवं प्रभाव सामने आ सकते हैं। गंडमूल नक्षत्र के प्रभाव - बचपन में स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व संबंधित दिक्कत। - व्यक्ति के माता-पिता भी स्वास्थ्य एवं वित्तीय परेशानी झेल सकते हैं। - पीड़ित व्यक्ति के भाई-बहन भी स्वास्थ्य संबंधित समस्या का सामना कर सकते हैं। - यह केवल उस व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि यह उसके रिश्तेदारों के जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा। गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा


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